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जगद्गुरूत्तम दिवस

14 जनवरी, 2026 को 69वीं वर्षगाँठ

“अपने अश्रुतपूर्व अलौकिक ज्ञान द्वारा विश्व में आध्यात्मिक क्रांति लाने वाले जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज को १४ जनवरी सन् १९५७ को ‘काशी विद्वत्परिषत्’ द्वारा “जगद्गुरूत्तम” की उपाधि से विभूषित किया गया था। उस समय उनकी आयु मात्र ३४ वर्ष की थी।”

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“आपकी स्वाभाविक विद्वता ने महानतम बुद्धिजीवियों में भी विश्वास जगाया, जबकि आपके अतुलनीय प्रेम, अकारण कृपा और असीम करुणा ने, जो भी आपके पास आया, उनका हृदय पिघला दिया और उनमें भक्तिमय प्रेम जागृत किया। आज आपके प्रेम और ज्ञान की आध्यात्मिक विरासत, अपने प्रवचनों, संकीर्तनों और साहित्यिक कृतियों के रूप में असंख्य लोगों को निष्काम भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर रही है।”

कैसे जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज ने की जीवों पर कृपा?

कैसे बने जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज संसार के पाँचवें मूल जगद्गुरु? क्या है उनकी उपाधि का माहात्म्य? कैसे जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज ने जीवों को उनके लक्ष्य तक पहुँचाने हेतु अपने पूरे जीवन काल में उस उपाधि को सिद्ध किया? आइये जानते हैं इस वीडियो के माध्यम से।

विश्व को कैसे मिले जगद्गुरु?

श्री कृपालु जी महाराज जगद्गुरूत्तम कैसे बने? जगद्गुरूत्तम बनने की अलौकिक गाथा।

सारे टेंशन की केवल एक जड़ और एक इलाज!

इस प्रवचन में पाँचवें मूल जगद्गुरु, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज समझा रहे हैं कि किस तरह हम अपनी कामनाओं की दिशा बदल कर अपने दुखों से छुटकारा और सदा के लिए आनंद प्राप्ति कर सकते हैं।

हाँग काँग में दिया गया प्रवचन

जीव का परम-चरम लक्ष्य एवं उस लक्ष्य के प्राप्ति का मार्ग, इस विषय का सारगर्भित दिव्य प्रवचन जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज ने अपने २००२ के विश्व दौरे के दरम्यान हाँग काँग शहर में दिया।

भगवात्प्राप्ति का सरल मार्ग

सन् 2002 में पुरी के पावन धाम में जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा दिया गया  संक्षिप्त दिव्य प्रवचन।

अवतार रहस्य – श्री कृष्ण जन्माष्टमी प्रवचन?

वेदों शास्त्रों ने ईश्वर के प्रकट होने के अनेक कारण बताए हैं। इस सुंदर प्रवचन में, जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज ईश्वर के अवतार के पीछे छिपे दिव्य रहस्यों का सार प्रस्तुत करते हैं।

जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा टी.व्ही पर दिव्य धारावाहिक प्रवचन अवश्य सुने।

चैनलदिनसमय
न्यूज इंडिया 18प्रतिदिनप्रातः 5:30 से 6:00 तक
न्यूज 24सोमवार से शुक्रवारप्रातः 5:55 से 6:20 तक
भारत समाचारप्रतिदिनप्रातः 6:50 से 7:20 तक
साधनाप्रतिदिनप्रातः 8:10 से 8:35 तक
संस्कारसोमवार से शनिवारशाम 8:30 से 9:00 तक

रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागू पाय |
बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय ||

१४ जनवरी सन् १९५७ में, मकर संक्रांति के दिन एक अद्भुत ऐतिहासिक घटना हुई। इसी दिन, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के वेदों, शास्त्रों, पुराणों तथा अन्यान्य धर्मग्रंथों के असीम, अलौकिक, अद्वितीय ज्ञान से परिपूर्ण संस्कृत में दिये गये प्रवचन को सुनकर काशी विद्वत्परिषत् (भारत के लगभग ५०० शीर्षस्थ शास्त्रज्ञ, वेदज्ञ विद्वानों की तत्कालीन सभा) के सभी विद्वान मंत्रमुग्ध एवं अत्यंत अचंभित हो गये। तब सब ने एकमत होकर आपको “जगद्गुरूत्तम” (सर्वोत्तम जगद्गुरु) की उपाधि से विभूषित किया। इस प्रकार १४ जनवरी “जगद्गुरूत्तम दिवस” के रूप में भी मनाया जाने लगा। इस शुभ अवसर पर जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु महाप्रभु के परम पावन चरणों में शत-शत नमन।

इस पावन अवसर पर जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन का आयोजन किया गया है। नाम संकीर्तन के इस अनोखे दुर्लभ अवसर का अवश्य लाभ उठाएं।

रथ यात्रा की अधिक जानकारी

महू, मध्य प्रदेश

महू

महू में, रथ यात्रा का आयोजन 14 जनवरी प्रातः 8 एवं दोपहर 3 बजे किया गया हैं।

  1. प्रातः 8:00 बजे, रथ यात्रा टेलीफोन नगर (किशन गंज) से प्रारंभ होगी।
  2. दोपहर 3:00 बजे, रथ यात्रा केशव पार्क (उमरिया) से प्रारंभ होगी।

संपर्क : 97551 91933

मुंबई, महाराष्ट्र

मुंबई

मुंबई में, रथ यात्रा का आयोजन 14 जनवरी सायंकाल 5:00 बजे से परलेश्वर मंदिर, विले पार्ले (पूर्व) से किया गया हैं।

संपर्क : 97551 91933

गोवा

गोवा

गोवा में, रथ यात्रा एवं सत्संग  का आयोजन 14 जनवरी को किया गया हैं।

रथ यात्रा : 14 जनवरी 2026, सायं 4:00 बजे से

रथ यात्रा आरंभ स्थल : आज़ाद भवन, पुण्डलिक नगर, पर्वरी

रथ यात्रा की समाप्ति उपरांत आज़ाद भवन में सत्संग

सत्संग समय : सायं 7:00 बजे से 8:30 बजे तक

संपर्क : 98224 89997 / 73784 12408

सूरत, गुजरात

सूरत

सूरत में, रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन का आयोजन 15 जनवरी को किया गया हैं।

समय : 15 जनवरी 2026, सायं 4:30 बजे से

आरंभ स्थल : श्रीजी आर्केड, अडाजन, सूरत

संपर्क : 93747 1254

चालीसगाँव, महाराष्ट्र

चालीसगाँव

चालीसगाँव में, नगर संकीर्तन का आयोजन 14  जनवरी को किया गया हैं।

समय : 14 जनवरी 2026, प्रातः 9:00 बजे से

आरंभ स्थल : हनुमान मंदिर, हनुमान वाडी, स्टेशन रोड, चालीसगाँव

संपर्क : 70303 81026

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Aim

This site is dedicated to the lotus feet of the Spiritual Master of this Age, Jagadguruttam Shri Kripalu Mahaprabhu. The goal of this site is to remember 14th of January as the “Jagadguruttam Diwas”. It was this very day in the year 1957, that an unprecendented event occurred, when Kashi Vidvat Parishat, a body consisting of 500 topmost scholars in India, were left spellbound and speechless with Shri Maharaj Ji’s unparalleled knowledge of all the scriptures, that they honoured Him with the title of “Jagadguruttam”.